Monday, November 7, 2022

Mauli Mata Temple Fingeshwar (मौली माता मंदिर फिंगेश्वर )

 खदर से बनी छोफडी पर विराजीत मौली दाई 

Mauli Mata Temple Fingeshwar
मौली माता  मंदिर - फिंगेश्वर 

प्रवेश द्वार - मौली माता  मंदिर 

Mauli Mata Temple


मौली माता मंदिर परिसर का मनोरम दृश्य 

शिवलिंग मौली माता परिसर 

Phanikeshwarnath Mahadev Mandir Fingeshwar
फनिकेश्वरनाथ  शिव मंदिर फिंगेश्वर 


Monday, January 4, 2021

Kuleshwar Mahadev Temple Rajim ( कुलेश्वर महादेव मंदिर राजिम)

देवो के देव महादेव ,ब्रम्हा ,विष्णु ,शंकर के भी रचियता त्रिमूर्ति ,तीनो लोको के मालिक त्रिलोकीनाथ,तीनो कालो को जानने वाले त्रिकालदर्शी 

विश्व कि सभी आत्माओ के परमपिता परमात्मा  शिव ही है | वे अजन्मा ,अकर्ता ,अभोक्ता ,अविनासी है | परम धाम  के निवासी है ,जिसे हम शांतिधाम ,निर्माण धाम ,बैकुंठ ,ब्रम्हलोक कहते है | परमात्मा शिव हजारो सूर्यो से भी तेजोमय है |
Rajim,Kuleshwar Mahadev Mandir

Kuleshwar Mahadev Temple Rajim


उन्हें इस स्थूल आँखों से देखना संभव नहीं है | उनके साथ कि अनुभूति तो कि जा सकती है वे तो पवित्रता के सागर है| हम पवित्र बने बगैर  उनसे अपना सम्बन्ध  नही जोड़ सकते  है | जब आत्मा पवित्रता  का व्रत  लेकर उस सर्व शक्तिमान  से ध्यान लगाती है तो उनके साथ कि उनकी  शक्तियो कि अनुभूति होने लगती है|  इसी आस्था के साथ 
Kuleshwar Mahadev Rajim
कुलेश्वर महादेव मंदिर 

राजिम में  त्रिवेनी  संगम पर स्थित कुलेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है| छत्तीसगढ़ के प्राचीन मंदिरों  में इसकी गणना  कि जाती  है | मान्यता है कि ,शिवलिंग कि स्थापना माँ सीता ने अपने हाथो  से किया था और राम लक्ष्मण सहित तीनो ने  मिलकर देवो के देव कि यही पर विधि विधान से पूजा अर्चना कि  जिस कारण  यह स्थान परम तीर्थ के रूप में पूजा गया |
Kuleshwar Mahadev Temple,Rajim-Chhattisgarh
कुलेश्वर महादेव राजिम 

यहाँ पर सबसे ज्यादा भीड़ महाशिवरात्रि को देखा जाता है कहते है इस दिन बाबा सहज जल अर्पण मात्र से ही प्रसन्न हो जाते है |और मन चाही वरदान दे देते है| जिसके कारण यहाँ लाखो कि संख्या में भीड़ उमड़ती है| बाबा के जयकारे से पूरा नदी तट कम्पाय मान हो जाता है| जो देखने लायक होता है | यहाँ पर सावन माश  में बाबा  को जल अर्पण करने के लिए दूर दूर से भक्त आते है|
इस त्रिवेणी संगम में बरसात के दिनों में कितना भी जल प्रवाह हो | मगर भक्त जन बाबा कि पूजा अर्चना  करना  बंद नही करते और कुछ तो नौका से बाबा कि पूजा अर्चना करने  जाते है |(वर्तमान में मंदिर तक पहुंचने के लिए प्रशासन द्वारा लक्ष्मण झूला का निर्माण कराया गया है|) (इससे पता लगता है कि बाबा के प्रति भक्तो  कि अटूट श्रधा देखी जा सकती है |
Mama Bhacha Temple Rajim
प्रथम दर्शन मामा  भांचा  मन्दिर  

लोंगो के अनुसार इस मंदिर में एक गुप्त  सुरग बनी हुवी है जो पास ही में लोमश ऋषि  आश्रम में  इसका निर्गम स्थल है| और एक मार्ग राजीव लोचन मंदिर परिसर में निकलती है |
tourist places in rajim

यहाँ पर प्रति वर्ष महाशिवरात्रि में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है|
त्रिवेणी संगम होने के कारण यहाँ मंदिर परिसर में बच्चो का मुंडन कार्य किया जाता है|  मंदिर कि बनावट काफी भव्य है|मंदिर कि नीव काफी मजबुद है| 
rajim mandir Chhattisgarh

मंदिर का शिलालेख -कुलेश्वर महादेव 

जो भीषण बाढ आने पर भी इस मंदिर का बाल बाका नहीं कर  सकता इस मंदिर में अनेक प्राचीन मुर्तिया ,मुख्य मंदिर के बरामदे में रखी हुई है |और यह मंदिर विशाल पिपल के छाव में स्थित है| शिवलिंग पर सिक्के डालने से  सिक्के अन्दर  जाती है  और ॐ  कि ध्वनी निकलती है |जो अपने आप में चमत्कार है|      

Friday, February 28, 2020

हथखोज मेला ,शक्ति लहरी माता मंदिर (Mata Shakti Lahri Devi Temple ,Hathkhoj - Mahasamund)

ग्राम हथखोज महासमुंद जिला से 14 km की दुरी पर स्थित है। यहाँ महानदी एवं अन्य 6 सहायक नदियों का संगम है इस कारण इसे सप्त धारा संगम भी कहा जाता है।
Mata Shakti Lahri Devi Temple ,Hathkhoj
शक्ति लहरी माता 

हथखोज तक सड़क मार्ग से पंहुचा जा सकता है। इस स्थान पर माता शक्ति की मंदिर स्थापित है, प्रत्येक वर्ष की मकर सक्रांति को यहाँ मेले का आयोजन होता है। जहां दूर दूर से लोग आते है। मेला पुरे नदी स्थल पर ही आयोजित होता है।
HATHKHOJ MELA MAHASMUND
मंदिर परिसर 
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सात धाराओ का दिशा चित्र

मंदिर से जुडी एक अति विश्वसनीय मान्यता यह है की मकर सक्रांति त्यौहार के दिन जो भी भक्त श्र्द्धा भाव से मेला स्थल पर माता शक्ति को दंडवत प्रणाम करता है माँ शक्ति उसपर सवार होती है और वह व्यक्ति उसी (दंडवत) मुद्रा में जमीन पर लोटने लगता है, 
Mata Shakti Temple ,Hathkhoj
मुख्य मंदिर 

मंदिर परिसर का मनोरम दृश्य 
और तब तक लोटता ही रहता है जब तक उसके हाथ छूट न जाये। जब व्यक्ति लोटना बंद करता है तब वह कुछ देर मूर्छा में चला जाता है। गौर करने वाली बात ये होती है इन सब गतिविधियों के बारे में उस व्यक्ति को कुछ पता नहीं होता। 


पुरे मेला स्थल पर आपको इस दिन जहां तहाँ इस तरह लोटते हुए लोग दिखाई पड़ेंगे। लोगो का मानना है की ये माँ का आशीर्वाद है और इस तरह उनके पापों का प्रायश्चित होता है। इस मान्यता के कारण पुरुष ही नहीं माताएँ बहनें भी निःसंकोच माँ शक्ति की वंदना कर प्रक्रिया में भाग लेते है। निचे दिए हुए link पर जाकर मेला वीडियो देखें।(कैसे जमीन पर लोटते है श्रद्धालु )

Sunday, November 17, 2019

Shri Ram Temple Raipur Chhattisgarh(With Photos) श्री राम मंदिर रायपुर छत्तीसगढ़ (VIP Road)

Beautiful Images Collection of Ram Mandir Raipur(Chhattisgarh)
VIP Roads Ram Mandir  Raipur
प्रवेश द्वार राम मंदिर -रायपुर 

श्री राम मंदिर 
                                                                                                                                                                    
VIP Roads Ram Temple Raipur
भगवान राम व माता सीता और भक्त हनुमान 

Ram Janki Temple Raipur


Thursday, November 14, 2019

Shiva Mandir Navagaon Raipur (प्राचीन शिव मंदिर नवागांव रायपुर )

Ancient Shiva Temple Navagaon Raipur

यह प्राचीन ईट निर्मित मंदिर रास्ट्रीय राजमार्ग एन एच 53 पर रायपुर से 19 किलोमीटर कि दुरी पर नावगाव के तालाब के तटबंध पर अवस्थित है| 
Shiv Temple Navagaon

|उचे चबूतरे विद्यमान इस पूर्वाभिमुखी मंदिर में गर्भगृह ,अन्तराल एवं मण्डप तीन अंग है|वर्तमान में इस मंदिर का गर्भगृह रिक्त है|संभवत: यह शिव मंदिर है|इस मंदिर का शिवलिंग स्मारक के निकट निर्मित किये गए अन्य नवीन शिव मंदिर में पूर्व में सीमंतरित कर दिया है|गर्भगृह का प्रस्तर निर्मित द्वार चौखट एवं मण्डप के स्तम्भ मंदिर के दीवारों एव शिखर से अधिक प्राचीन मालूम पड़ते है| 

ईटो से निर्मित प्राचीन शिव मंदिर नवागांव -रायपुर 


प्राचीन शिव मंदिर नवागांव रायपुर



Raipur Tourism


Ancient Shiva Temple Navagaon Raipur
प्राचीन शिव मंदिर नवागांव रायपुर

 ऐसा प्रतीत होता है कि इस मंदिर का निर्माण 16 – 17 शती इशवी में हुवा तथा 12 – 13 शती ईशवी में निर्मित हुए किसी ध्वस्त मंदिर के द्वार चौखट एव स्तम्भ इसमें प्रयुक्त हुए है| छ:ग: में प्राप्त समकालीन ईट निर्मित मंदिर वास्तु का अच्छा उदहारण है| 

यह मंदिर वर्तमान में जिस अवस्था में है लगता है कि यह ज्यादा समय तक सुरक्षित नही रह पायेगा|पूरा मंदिर बेजान हो गया है|पुरातत्व विभाग के अधीन होने के पश्चात भी मंदिर का जीर्णोधार नहीं किया जा रहा है|

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Friday, December 21, 2018

Shree Rajiv Lochan Temple,Rajim - Beautiful Images Collection


Rajiv Lochan Mandir
Rajiv Lochan Temple Rajim

Rajiv Lochan Temple,Rajim - Beautiful Images Collection

राजिव लोचन मंदिर ,सम्पूर्ण दर्शन
राजिव लोचन मंदिर राजिम 

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राजीव लोचन मंदिर राजिम 

rajim old temple

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सीता बाडी राजिम 

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 उत्खनन से प्राप्त सीता बाड़ी 


राजा जगतपाल ,राजिम  

tourist Spot Rajim Chhattisgarh

Rajiv Lochan Temple,Rajim - Beautiful Images Collection
प्रवेश द्वार -राजीव लोचन मंदिर 

Shree Rajiv Lochan Temple,Rajim - Beautiful Images Collection

Wednesday, May 23, 2018

Mata Kaushalya Temple in Chandrakhuri,Raipur (कौशिल्या माता मंदिर चंद्रखुरी )

Kaushalya Mata Temple in Chandrakhuri,Raipur


दुनिया का एकमात्र राम की जननी माता कौशिल्या का प्रसिद्ध  मंदिर छत्तीसगढ़ में स्थित है व  राजधानी से महज ३० कि.मी. की दुरी पर चंद्रखुरी नामक ग्राम पर सात तालाबों के बीच स्थित है| 

Kaushalya Temple  Chandrakhuri


Sunday, March 18, 2018

Banjari Mata Temple Raipur (बंजारी माता मंदिर रायपुर )

माँ बगुला मुखी ( जिसे बंजारी माता के नाम से जाना जाता है| यह प्रसिद्ध मंदिर रायपुर जिले में स्थित है| रायपुर से बिलासपुर नेशनल हाइवे क्र. 30 पर स्थित है| 
banjari temple,raipur
बंजारी माता 

स्थानीय निवासी के अनुसार माता रानी की प्रतिमा भुगर्भित है| माता स्वयं अपनी इच्छा स्वरुप इस स्थान पर प्रकट हुई है| इसे माँ दुर्गा का अवतार भी कहा जाता है| लोगो के अनुसार पहले यह स्थान बंजर भूमि हुवा करता था| जिसके चलते इस स्थान पर लोगो  का आना जाना न के बराबर हुवा करता था| मगर माता के प्रागट्य स्वरुप  यह स्थान उपजाऊ होने लगा तथा इस स्थान का महत्व बडने लगा|
( माता रानी बंजर भूमि में प्रगटी है| इस कारण माता का नाम बंजारी पड़ा तथा माँ का जो मुख है वह बगुला के मुख के सामान है जिस कारण माता का नाम बगुला मुखी पड़ा ) 
माता का शयन कक्ष 

आज जो वर्तमान मंदिर है वह काफी भव्य व मंदिर परिसर पर नाना प्रकार के सुन्दर मूर्तियों व मंदिरो का निर्माण किया गया है जिस कारण मंदिर की सुन्दरता और भी चार - चाँद हो गयी है| 
शंकर भगवान कि निर्माधीन प्रतिमा  
वैसे तो मंदिर में हमेशा भक्तो का ताता लगा रहता है,मगर साल के दोनों नवरात्रि व दशहरा में काफी भीड़ देखी जा सकती है| नवरात्र के समय भक्तो के द्वारा भारी मात्र में मनोकामना ज्योति जलाई जाती है| 


उज्वल गौ रक्षण केंद्र

मंदिर ट्रस्ट के द्वारा पास में ही गौशाला चलाया जाता है| जिसमे गायो का पालन किया जाता व घायल बीमार गौमाता व अन्य पशुवो का उचित ईलाज किया जाता है|
हनुमान जी कि प्रतिमा 

इस स्थान पर कैसे पहुचे :- यदि आप ट्रेन से आ रहे है तो रेल्वे स्टेशन से इसकी दुरी 8 कि.मी है| और बस स्टैंड  से इसकी दुरी 11 कि.मी है यदि आप प्लेन से आ रहे हो तो स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से इसकी दुरी 14 कि.मी है| यहाँ पहुचने के लिए नियमित रूप से बस ऑटो अदि चलती रहती है|
                                                                                                             विशेष सहयोग 
                                                                      श्री दुष्यंत साहू  ग्राम - (धनेली)                              
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