Sunday, October 16, 2016

Khallari Mata temple Bhimkhoj Mahasamund खल्लारी माता मंदिर भीमखोज महासमुंद

खल्लारी माता मंदिर भीमखोज,जिला - महासमुंद(छः ग )

इसका प्राचीन नाम खल्लवाटिका थी रायपुर विजयानगरम लाइन पर रायपुर से ४६ मील दूर भीमखोज स्टेशन है वहा से यह स्थान १ मील दूर है यहाँ चैत्र -पूर्णिमा पर पर तीन दिन का मेला रहता है पहाड़ के ऊपर दुर्गा जी का मन्दिर है उन्हें खल्लारी माता कहते है पर्वत का घेरा आधा मील से कुछ अधिक है यात्री पर्वत की परिक्रमा करते है यहाँ चैत्र पक्ष और क्वार में मनोकामना ज्योती भक्तो द्धारा जलाई जाती है पूरा वातावरण भक्ती मई हो जाता है यहाँ नव दिनो का विशाल भंडारा का आयोजन किया जाता है पर्वत के नीचे जहाँ मेला लगता है वहा नीचे वाली खल्लारी माता ,शिव मन्दिर ,श्री राम जानकी ,जगन्नाथ मन्दिर, काली माता कि प्रतिमा है और नये नए मन्दिर का निर्माण कार्य चल रहा है पर्वत के आसपास लगभग १२० तालाब था उनमे से कुछ विलुप्त होते जा रहे है
khallari mata bhimkhoj
माँ  खल्लारी ऊपर वाली 

किवंदती-पुरानी मान्यताओ के अनुशार  माँ खल्लारी का आगमन
महासमुन्द से निकट ग्राम -बेमचा से हुवा था इस सम्बन्ध में ऐसे किवंदती प्रचलित है कि ग्राम बेमचा से माता सोडसी का रूप धारण कर बाज़ार आया करती थी उसके रूप लावण्य से वशीभूत होकर एक बंजारा खल्लारी माता के पीछे पड़ गया बंजारा माता खल्लारी का पिछा करते हुवे पहाड़ी मंदिर तक आ गया उसके बाद माता क्रोध वस् उस बंजारा को पाषाण का बना दिया देवी माता खल्लारी में विलोपित हो गई और उसी पहाड़ी में माता निवाश करने लगी तब से देवी माँ खल्लारी का अशोगान किया जाता है एवँ चैत्र पूर्णिमा में भव्य मेला लगता है

टिप:- माता जी का भोग लगने का समय सुबह ११ से १२ बजे तक मंदिर पट रहता है| ऊपर पहाड़ी में माता तक पहुंचने के लिए 844 सीढी चढ़ना पड़ता है | 
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खल्लारी मन्दिर 

मुख्य द्धार 

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जवारा   गुफ़ा 
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भैरव  बाबा 
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सिद्ध बाबा 
खल्लारी मंदिर दर्शन
शिव शंकर 
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भागीरथी दर्शण 


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खल्लारी माता मंदिर नीचे वाली 
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महाकाली 
देवपाल मोची का नारायण मंदिर खल्लारी
भगवान जगन्नाथ 
                  
khallari temple mahasamund chhattisgarh
नारायण मंदिर 

   नारायण मंदिर  से जुडी इतिहास :-                                            

(संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग छत्तीसगढ़) के लेख के अनुशार खल्लारी से पाप्त प्रसस्त अभीलेख से यह तथ्य ज्ञात होता है कि इस नारायण मंदिर को देवपाल नामक मोची ने १३ वी सती ईसवी में बनवाया था इसके इस स्थान का नाम्मोतुख(खल्लारिका) के रूप में हुवा है यह मंदिर पूर्वाभिमुख है एवं इसमें तीन अंग गर्भगृह अन्तराल खण्ड एवं मण्डप है मण्डप १६ स्तंभों पर आधारित पर है पंचरत भुविन्यास प्रकार यह स्मारक नागर शैली में निर्मित है |रायपुर कल्चुरी कालीन मंदिर वास्तु का यह प्रतिनिधित्व उदहारण है|

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19 comments:

  1. क्या खल्लारी वही स्थान है जहा महाभारत कालीन पाण्डवो का लाक्षागृह मामा सकुनी ने पांडवो को मारने के लिए बनवाया था ( क्युकी लोग ऐशा कहते है और उसके अवसेश खल्लारी में अभी भी है यदि यह सत्य है तो उसके अवसेस कि तस्वीर डालने कि कृपा करे ) हमें तस्वीर का इंतीजार रहेगा
    “माँ खल्लारी सभी भक्तो कि मनोकामन पूरी करे “

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    1. हाँ सही बात है और अवशेष भी है आप स्वयं आ कर देख लेवे

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  2. माँ लक्ष्मी का हाथ हो,
    सरस्वती का साथ हो,
    गणेश का निवास हो,
    और माँ दुर्गा के आशीर्वाद से,
    आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो
    जय माता दी।

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  3. Nice information about khallari temple history. Thanks

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  4. बहुत ही सराहनीय कार्य
    जय माँ खल्लारी भीमखोज की उची पहाड़ो वाली

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  5. Thaks sir aapne hume itni achi jaankari di bharat ki rochk jaankari jaruri 1 bharat hi 1 aisa desh hai janha anek 1 se 1 prachin chice dekhne ko milti hai

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  6. आज हम भी दर्शन किये जब हम भीड़ देखे तो मुझे यकीन ही नही हुआ की इतनी भीड़ की मैं क्या बताऊँ मैं सुबह 10 बजे पंहुचा तो एक घंटे बाद दर्शन हुआ वाकई बहुत ही अदभुत दृश्य है मेरी सब से विनम्र निवेदन है कि आप एक बार जरूर जाये मेरा मानना है कि एक बार दर्शन कर लेने से हम लोग का मनुष्य का जन्म लेना सुफल हो जायेगा

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  7. I have visited on 18/10/2018 , and dream of my live feel great , once must be come here

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  8. खल्लारी मंदिर से जुडी जानकारियों के लिए आपका धन्यवाद !!

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  9. The managing facilities are good enough. After a long car drive or train journey when you reach here the environment of spirituality will ends your whole body pain which you have received during your journey .. i feel something like this

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  10. Temple of Khallari mata at hill top at Bhimkhoj, Chhattisgarh. Religious place. Everyone should come here and take the blessings of Khallari mata. Beautiful temple

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  11. Anonymous17 November

    Khte h.. jb tk mata na bulaye. Tb tk koi unke darshan nhi kar pata.. hmari bhi kuch Isi kismat thi.. mata k Darshan k liye Delhi (Badarpur) se nikle... Or mata k darwaje se khali bina darshan k lootne pda parking.. pe he phouchte the k hamare Relation pe kisi ki death ho gai thai ..bs ye janne he hme mata rani k Darshan na ho ske.. Ess baat ka dukh hh.. ab dekho kb mata k Darshan honge... Jai mata di....Kuleshwar

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  12. I do not think it is fair to say about this place in my own words. This place is one of the Shaktipeeth of history. You should worship here and worship, and you go to this place, and feel this place, and know about this place. This place is very old but this place is well cared for.

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  13. छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक देखी जाने वाली, पहाड़ी के शीर्ष पर माता खल्लारी मंदिर, इसके पास छोटे तालाब, सीढ़ियों की बड़ी संख्या जो चढ़ाई पहाड़ियों पर अधिक रोमांच कर देती है|

    प्रत्येक वर्ष दो मेला होता है व नवरात्रि उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है|
    पूरे छत्तीसगढ़ के आसपास के लोग इस पहाड़ी से पैदल यात्रा करते हैं.जय माँ खल्लारी

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  14. Best अध्यात्मिक place near Mahasamund for family picnic and tour.
    Jai Maa Khallari Mujh Par Apni Kripa Banaye Rakhana.

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  15. जय हो पहाड़ा वाली माँ,जय खल्लारी माँ. आपको सत-सत नमन.

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  16. I do not think it is fair to say about this place in my own words. This place is one of the Shaktipeeth of history. You should worship here and worship, and you go to this place, and feel this place, and know about this place. This place is very old but this place is well cared for.

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  17. Rupendra10 July

    Jay mata di

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