Thursday, May 17, 2018

Chhattisgarh tourist places with photos (फोटो के साथ छत्तीसगढ़ पर्यटन स्थल )

 छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक स्थल,Historical sites of Chhattisgarh

राजिम

छ. ग. का प्रयाग काहा जाता है| माघपुर्णिमा से महाशिवरात्री तक मेला लगता है| राजिम को पाँच मंदिर कुलेश्वर  चम्पकेंष्वर ब्रम्हेंष्वर फिगेंष्वर पटेश्वर के कारण पंचकोषी धाम भी काहा जाता है|
Tourist places in Chhattisgarh



द्रविड स्थापत्य कला की पंचायतन शैली से निर्मित निर्माण 7 वी सदी मे निर्माणकर्ता  नलवशी  शासक राजिम
निर्माणकर्ता  नलवशी  शासक विलासतुंग जिर्णोद्वार  जगतपाल कल्चुरी शासक पृथ्वीदेव का सेनापति ने किया है | 

कुलेश्वर महादेव मंदिर

chhattisgarh tourist

महानदी पैरी सोंडुर के संगम पर निर्मित छ.ग शासक द्वारा पाचवें कुम्भ का दर्जा  दिया गया है|


बलौदाबजार जिला शिवरीनारायण


Chhattisgarh Tourist place

माता शबरी की पावन धरा भुमि जिसें छ ग का जगन्नाथ  पुरी भी कहा जाता है| इस स्थान पर भगवान  राम ने शबरी के जूठे बेर खाये ते | और नवधा भक्ति प्रदान किया था|  महानदी शिवनाथ तथा जोंक के प्रयाग संगम पर स्थित है।

खरौद - छत्तीसगढ़ का काशी 

chhattisgar Tourist places

इसे छत्तीसगढ़ का काशी कहा जाता है | लक्ष्मनेश्वर मंदिर काफी प्राचीन है|  शिवरात्रि मे मेले का आयोजन किया जाता है|

गिरौदपुरी 
संत घासीदास का जन्म स्थली यहा स्थित जैतखाम की उचाई 77 मीटर हैं ।जिसकी तुलना कुतुममीनार से की जाती है।

Tourist places in Chhattisgarh

दामाखेडा
शिवनाथ तथा खारुण नदी के संगम पर सोमनाथ में स्थित हैं ।कबीर पंथीयो का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है|1903 में की गई है कबीर पंथीयो के  12 वें वंश गुरु  उग्रनाम साहब कें द्वारा की गई है| 

रायपूर जिला ,चन्दखुरी
भगवान राम की माता कौशल्या का मंदिर स्थित है। रामायण काल के वैद्धय सुषेन का निवास क्षेत्र था ।

आंरग


छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक स्थल
tourist place in chhattisgarh
Bhand Deul Temple 

tourist place in chhattisgarh
Jain Temples Arang

छ ग की मंदिरो की नगरी कहा जाता है| यहा भांडलदेव मंदिर जैन तीर्थकार नेमिनाथ ,अजीतनाथ ,श्रेयांश की मुर्तिया स्थित है| राजा मोरजध्वज की राजधानी थी | 

 चम्पारण


छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल

महाप्रभु संत वल्लभाचार्य की जन्म स्थली है | और चम्पेश्वर नाथ शिव मंदिर है मंदिर काफी भव्य है| छत्तीसगढ़ मे शायद इससे वर्तमान निर्माधीन मंदिर नहीं है | चंपाझर (चम्पारण )के सभी आसपास ग्राम के लोग होलिका दहन नहीं करते है | तथा यहाँ के वन मे बिना चप्पल जुते  के जाया जाता है |


बिलासपुर
रतनपुर 1050 ई में कल्चुरी शासक रत्नदेव प्रथम ने यह नगर बसाया ।तलाबो की नगरी कहा जाता हैं। 

Religious sites of Chhattisgarh

महामाया मंदिर 
   निर्माणकर्ता रत्नदेव प्रथम स्थापना 11 सदी में 

रामटेंकरी मंदिर

chhattisgarh destinations

   निर्माण कर्ता बिम्बाजी भोसलें नें 18 वी सदी में कराया था।
सती चैरा 
भैरव बाबा मन्दिर 
लखनी मन्दिर 
तुलजा भवानी मन्दिर 

तलागाव 
रूद्रशिव की प्रतिमा की अस्ठमुखी प्रतीमा लाल बलुआ पत्थर सें निर्मित  11 जीवो प्रणियो के अंगो सें निर्मित है|  निर्माणकर्ता    शरभपुरीय शासक 
Ancient sites of Chhattisgarh

Chhattisgarh temples
Archaeological sites of Chhattisgarh

देवरानी जेठानी मंदिर 
छ. ग.का प्राचीन मंदिर गुप्तकालीन स्थापत्य कला का प्रतिनिधित्व  करता है निर्माण 5वी सें 6वी शताब्दी में 


chhattisgarh ke dham


लाल बलुआ पत्थर से निर्मित।

अमेंरीकापा 
   मनियारी नदी के तट पर शिवनाथ और मनियारी के संगम पर स्थित हैं । पुरातात्विक स्थल है।


मल्हार  बिलासपुर
chhattisgarh buddhist matrimony

शरभपुरी राजा प्रसन्नमात्र द्वारा लीलागर नदी के समीप स्थित है। यहा डिंडेश्वर मंदिर पतालेश्वर मंदिर 
 चतुर्भुजी नारायण की प्रतीमा सर्व प्राचीन मुर्ति मौर्य कालीन मुर्ति है।

1 comment:

  1. Bhahut hi badhiya information di hai aap ne..

    ReplyDelete

मुझे उम्मीद है कि आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होगी अगर हाँ तो इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर अपने सभी मित्रो के साथ शेयर जरूर किजीये, व Comment करके अपना अनुभव हमें बताये, आपके सहयोग की अपेक्षा रखता हु धन्यवाद.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...