Wednesday, March 21, 2018

Tourism Places in Mahasamund (महासमुंद जिले के पर्यटन स्थल)

 Sirpur ( सिरपुर ) 

Laxman Temple Sirpur (लक्ष्मण मंदिर सिरपुर )

छत्तीसगढ़ के जीवन दायनी नदी के तट स्थित है|  यह छत्तीसगढ़ की एक प्राचीनतम नगरी एवम राजधानी थी ५ वी सदी से ८ वी सदी  के बीच मे दक्षिण कोसल की राजधानी थी इस स्थान पर ७ वी सदी चीनी यात्री हेडसम भारत आया था | तब यहाँ पर  बौद्ध धर्म सम्पूर्ण विकसीत अवस्था पर थी|   यहाँ महारानी वासटा ने अपने पति हर्षगुप्त की याद में | विश्व प्रसिद्ध  ईटो  से  निर्मित (विष्णु मंदिर ) लक्ष्मण मंदिर का निर्माण करवाया था जो आज समूचे भारत की पहचान बन गयी है|   महासमुंद से इसकी दुरी 38 कि.मी है |

Tourism spots in cg
Lakshman  Temple in Sirpur-Chhattisigarh


Sangrahalaya (Museum )- sirpur -संग्रहालय 


लक्ष्मण मंदिर के समीप संग्रहालय का निर्माण पुरातन विभाग के द्वारा करवाया गया है | जिसमे सिरपुर की खुदाई में प्राप्त बेश कीमती मुर्तिया को उसके नाम ईसवी सन के व  पूरी जानकारी के साथ वह बड़ी ही सुन्दर ढंग से रखा है |
Museumin in  sirpur
Sangrahalaya in Front View

सिरपुर संग्रहालय
Museumin in  sirpur


Buddha Vihar Sirpur (बुद्ध विहार सिरपुर )



Chhattisgarh Buddha Vihar in Sirpur


Surang Tila- (सुरंग टीला )

Chhattisgarh tourist spot
surang teela (सुरंग टीला)

Anand Prabhu Kuti Vihar-(आनंद प्रभु कुटी विहार)
Swastik Vihar -(स्वस्तिक विहार)
Bedh Shala -(बेध शाला)
Prachin Ram Mandir (प्राचीन राम मंदिर )
Raj Mahal -(राजमहल )

Gandheshwar Shiv Temple (गंधेश्वर महादेव , शिव मंदिर )

Tourism in Chhattisgarh
Gandheshwar Mahadev Mandir - Sirpur 


------------------------------------------------------------------------------------------------------------------


Dhakud Waterfall,Borid ,Sirpu (धसकुड़ झरना ग्राम - बोरिद -सिरपुर )
Chanda Dai  Gufa (चांदा दाई गुफा ) गोड़ गुफा  (नागार्जुन गुफा)
Cherkin Godhani (छेरकिन गोधनी)  

--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Khallari Mata Temple (Bhimkhoj- Village-Khallari) (खल्लारी माता माता मंदिर) 

इसका प्राचीन नाम खल्लवाटिका थी पहाड़ी के ऊपर माँ दुर्गा (खल्लारी माता का मंदिर है |) पहाड़ी के ऊपर भीम
khallari mata
khallari mata

 के पाव के निशान आज भी है|  भीम चूल , डोंगा पत्थर ,लाक्षागृह विद्यमान है | पहाड़ी के निचे बड़ी खल्लारी मंदिर है |  इस स्थान पर देवपाल नामक मोची ने विष्णु मंदिर का निर्माण करवाया था | नवरात्रि केमनोकमना  ज्योति भक्तो द्वारा जलाई जाती है नौ दिनों का विशेष भंडार पहाड़ी के ऊपर में रहता है  यहाँ तीन दिनों का मेला लगता है|   


---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Chandi Mata Mandir -Ghunchapali Bagbahra (चंडी माता मंदिर घुंचापाली -बागबाहरा )


महासमुंद से इसकी दुरी 38  किलोमीटर है यह बागबाहरा ब्लॉक के घुंचापाली ग्राम में  स्थित है | माता की प्रतिमा विशाल व स्वयंभू है यहाँ नवरात्रि के समय मेले का आयोजन किया जाता है | यहां पहाड़ी के ऊपर छोटी चंडी माता विराजमान है जो गुफा के अंदर है |
chandi mandir mahasamund


chandi mata mandir cg

chandi mata ghuchapali ,bagbahra,mahasamund,chhattisgarh
chandi mandir

माता  का चमत्कार  तब देखने को मिलता है जब संध्या  होती है जैसे ही माता की पूजा की घंटी बजती है माता के दर्शन के लिए भालू का आगमन होता है और भालू प्रसाद खा कर चले जाते है किसी को तनिक भी नुकसान नहीं पहुंचाते |



------------------------------------------------------------------------------------------------------------------


Chandi Mata Temple Birkoni (चंडी माता मंदिर बिरकोनी )

chandi mata  temple birkoni mahasamund
Maa Chandi Birkoni

Tourism Places  Mahasamund

Mahasamund Tourism Places

इसे सिद्ध शक्ति पीठ के नाम से भी महासमुंद से 14  कि.मी कि  दुरी पर बिरकोनी ग्राम पर स्थित  स्थित है| यहाँ छेरछेरा को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है | नवरात्रि में ज्योति कलश जलाये जाते है |



---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Ghodhara Daldali Umarda ( गोधार दलदली उमरदा )


महासमुंद से 11 कि. मी कि  दुरी पर यह प्रसिद्द स्थान स्थित है यहाँ जामुन  वृक्ष के निचे से जल की धारा फूटी है |  जिसे गो मुखी कहा जाता है | गौ मुख का जल भीषण गर्मी के दिनों में सतत बहती रहती है |

mahasamund dist temple

 यहाँ प्राचीन शिव मंदिर है | शिवरात्रि के समय यहाँ दूर दूर से भक्त यहाँ भगवान  जो जल अभिषेक करने को आते है | छेरछेरा पुन्नी को यहाँ मेले का आयोजन किया जाता है |




-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Shweth Ganga Bamhani (श्वेत गंगा बम्हनी )

श्वेत गंगा बम्हनी
Shwet Ganga - Bamhni 

यह महासमुंद से 8  कि मी की दुरी पर स्थित है | यहाँ अति प्राचीन शिवलिंग है तथा यह देवल ऋषि की तपो भूमि थी यहाँ ऋषि अपनी तपस्या के प्रभाव से गंगा का उद्गम किया था जिसे श्वेत गंगा के नाम से जाना जाता है जिसका जल हमेशा गर्म रहता है
Shwet Ganga (Bamhni)
swet ganga bamhini

mahasamund
shiv temple bamhani

mahasamund
dewal rishi

इसी जल से देवल ऋषि ने  शिव जी का अभिषेक किया था | मंदिर के आस पास प्राचीन प्रतिमाये रखी हुई है| यहाँ पर सावन में भारी  भीड़ देखि जा सकती है यहाँ पर मेले का आयोजन किया जाता है |



---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Champai Mata Gufa  Mohadi ( चम्पई माता गुफा - मोहदी )


यह स्थान दलदली से काफी नजदीक है महासमुंद से 14 कि। मी  की दुरी पर स्थित है यहाँ विशाल गुफा के अंदर माँ चम्पई विराज मान है|  मोहंदी छत्तीसगढ़ के ३६ गढो   में से एक गढ  हुवा करता था जिसे चम्पापुर कहा जाता था|

maa champai


----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Singhoda Temple Saraipali (सिंघोड़ा मंदिर - सराईपाली )


नेशनल हाइवे पर स्थित यह मंदिर  सभी भक्तो आ आस्था का केंद्र महासमुंद सी इसकी दुरी  132 कि.मी  है तथा सराईपाली से मात्र 22  कि.मी की  दुरी पड़ती है  माँ रुद्रेश्वरी का मंदिर शिवानंद बाबा ने लोगो से दान मांगकर मंदिर का निर्माण करवाया था|


singhara mandir saraipali
सिंघोड़ा मंदिर -सराईपाली 




--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

महासमुंद के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थल 

(१ ) मुंगई माता मंदिर बावनकेरा
(२ ) पतई माता मंदिर
(३ ) सोनई रुपई  माता खट्टी
(४ ) चिल्हूर डोगरी
(५ )करिया धुर्वा
(६ )बड़ी खल्लारी
(७ )कामाख्या मंदिर पिथौरा
(८ ) कोडार  बांध(खल्लारी मंदिर )
(९ )छछान माता मदिर
(१० )कनेकेरा - महादेव घाट
(११ )सिद्ध बाबा कोसरंगी
(१२ ) महादेव पठार  गौर खेड़ा
(१३ )गढ़सिवनी -लज्जा देवी (मूर्ति )



2 comments:

  1. महासमुंद जिले के पर्यटन स्थल से जुडी जानकारियों के लिए आपका धन्यवाद !!

    ReplyDelete
  2. बेहतरीन tourist information of Mahasamund

    ReplyDelete

मुझे उम्मीद है कि आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होगी अगर हाँ तो इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर अपने सभी मित्रो के साथ शेयर जरूर किजीये, व Comment करके अपना अनुभव हमें बताये, आपके सहयोग की अपेक्षा रखता हु धन्यवाद.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...