Wednesday, August 16, 2017

Bhuteshwar Nath Mahadev Shivling - Gariaband (भूतेश्वर नाथ शिवलिंग गरियाबंद- छत्तीसगढ़ )

Bhuteshwar Nath Mahadev Shivling-Gariaband-chhattisgarh
विश्व का यदी कोई सबसे बड़ा शिवलिंग है तो वह भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिले के मरौद ग्राम के भूतेश्वर नाथ शिव लिंग है|
Bhuteshwar Nath Gariaband
भूतेश्वर नाथ शिवलिंग 

जो घने जंगल के बीच स्वयम्बू प्रकट हुवे है | इश शिवलिंग कि खासियत कि बात करे तो यह हर वर्ष नित – नित बड रही है जो अब काफी विशाल काय हो गई है जो अपने आप में यह सिद्ध करता है कि भोले बाबा स्वयं लिंग रूप में इस पावन धरा पर विराजमान है | इस कारन यहाँ करोडो भक्तो का आस्था का केंद्र बना है बाबा के दर्शन के लिए भक्त जन दूर – दूर से बाबा के दरबार में आते है|
Bhuteshwar Nath Mahadev Shivling
भूतेश्वर नाथ महादेव शिवलिंग 

सबसे ज्यादा भीड़ आपको तब देखने को मिलता है जब भोले बाबा का सावन मास चालू होता भक्त जन बाबा को जल अर्पण करने के लिए दूर दूर से आते है और बाबा का जल से अभिषेक करते है पूरा वातावरण  शिव मई हो जाता है और बोल बम के नारे से पूरा जंगल गूंज उठता है | जिधर देखो भोले बाबा के ही भक्त दिखाई देते है|

Bhuteshwar Nath shiv temple Gariaband

यह विश्व का सबसे विशाल और प्राकृतिक शिवलीग के रूप में जाना जाता है| यह जमीन से लगबग 19 फिट उचा और 21 फिट गोलाकार में है| शिवलिंग के समीप के प्राकृतिक जलहरी है|
शिवलिंग के पीछे बाबा कि प्रतिमा है जिसमे भोले बाबा माता पार्वती तथा गणेश ,कार्तिके नंदी के साथ विराज मान है| वहा  पर पंच मुखी शिवलिंह के भी दर्शन होते है| बाबा के समीप एक गुफा है जिसमे तपस्वी साधू कि चित्र अंकित किया गया है यहाँ पर कभी कोई साधू ने भोले बाबा के लिए ताप किया था| मंदिर के समीप कई अन्य मंदिर बनी हुई है | जो उस स्थान को चार चार लगा देता है|
बाबा के अन्य नाम:-   
भक्त जन भोले बाबा को भूतेश्वर नाथ तथा भकुरा महादेव के नाम से बाबा को पुकारते है| यह शिव लिंग आस पास कि निवासियों के लिए बड़ी ही आस्था का केंद्र है| स्थानीय लोग  इस धाम को पावन तथा काशी जैशा पवित्र मानते है| और किसी भी कार्य हो या अनुष्ठान पहले बाबा कि पूजा कि जाती है  तब लोग अन्य पूजा अर्चना  करते है|
इस स्थान पर कैसे पहुचे :-

इसकी दूरी रायपुर से लगभग 120 कि. मी है| राजिम से गरियाबंद होते हुवे यह पंहुचा जाता है महासमुन्द  से फिंगेश्वर होते हुवे जतमई घटारानी के रास्ते होते हुवे  भी पंहुचा जाता है|  रास्ते पक्की है घने जंगल का आनंद उठाते यहाँ पंहुचा जाता है पक्की रास्ते बनी हुई है| यह जिला मुख्यालय से महज 2 कि. मी कि दूरी पर स्थित है|
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