Wednesday, February 22, 2017

Gandeshwar Mahadev Temple - Sirpur,Mahasamund,Chhattisghar

पूरे  विश्व में शिव जी को त्रिकाल दर्शी भूत भविष्य के स्वामी व परम तपस्वी देवो के देव के रूप मे पूजा जाता है कहते है कि शिव जी अनादी है
Gandheshwar Mahadev Temple - Sirpur
मुख्य मंदिर 
इसका कोई अंत नही है और  शिव जी में पूरा विश्व समाया हुवा है | इसी आस्था से लोग भगवान के लीग स्वरुप की  पूजा करते है इनमे से एक  छत्तीसगढ़  के महासमुन्द जिला में इसका अच्छा उदहारण देखा जा सकता है
जिला मुख्यालय से  35 कि:मी  पर सिरपुर स्थित है यह महासमुन्द जिले के अंदर आता है |शिरपुर  के कारन महासमुन्द को और अधिक ख्याति मिली है जो
Gandheshwar Mahadev Temple - Sirpur
महासमुन्द जिलों को  देश विदेशो में अपना एक खास पहचान बनाया है | इन्ही में से एक गंधेश्वर महादेव का मन्दिर है जो लगभग 6 वी सदी का बताया जाता है यह मंदिर  छत्तीसगढ़ कि जीवन दयानी नदी महानदी के तट  पर स्थित हैयह मंदिर काफी विशाल है तथा इसकी नक्कासी  काफी अद्वतीय हैयहाँ पर भोले बाबा सहज ही अपने भक्तो कि मनोकामना पूरी करती है जिस कारन यहाँ दूर दूर से भक्त जन आते है और मु मागी मुराद ले के चले जाते है |यहाँ पर शिव रात्रि पर भारी भीड़ देखि जाती है यहाँ पर प्रती वर्ष मेले का आयोजन होता है जिसमे सभी समुदाय के लोग इस मेले में सामिल होते है |यहाँ पर सबसे ज्यादा मनमोहक दृश्य सावन सोमवारी को होता है जिसमे लाखो कि सख्या में लोग बोल बम के नारे लगाते हुवे भोले बाबा के दरबार में आते है |जिसमे भारी भीड़ के भीच लोग बाबा के एक झलक के लिये लम्बी  कतारे लगी रहते है|  पूरा वातावरण शिव मई हो जाता है बोल बम के नारे से पूरा परिसर गूंज जाता है यहाँ पर पूरुस के साथ महिला भी बाबा के दरबार में जल ले के आते है और बाबा को अर्पण करते है | मंदिर परिसर पर अनेक प्राचीन मुर्तिया विराजमान है जो वहा कि और अधिक शोभा बड़ा रहे है | यहाँ पर मुख्य द्वार पर भोले बाबा कि परिवार साथ में नंदी गन कि प्रतिमा स्थापित किया गया है
Gandheshwar Mahadev Mandir - Sirpur
मुख्य द्वार 

यही मंदिर के सामने एक  प्राचीन माता चंडी का मंदिर है जिसमे माता अपने शेर के साथ विराज मान है। 
और थोड़ी आगे जाने पर  एक मंदिर है  इस मंदिर पर   गुफा के अन्दर भगवाण जगन्नाथ का प्रतिमा स्थापित है
chandi mata sirpur

Mahadev Temple - Sirpur


यहा पर हर समुदाय का मंदिर है इसे हम प्राचिन मंदिरो का गढ़ भी कहा जा सकता है । 
       
Gandeshwar Mahadev 

सिरपुर पर खुदाई के दौरान एक अधभुद और अति प्राचीन शिव लिंग प्राप्त हुवा यह लिंग काफी चिकना  पत्थर से है  पुरातत्व विभाग के अनुसार यह शिव लिंग 2 हजार साल पुराना  होने का अनुमान लगाया जाता है इस लिंग की खासियत यहाँ है की इस लिंग से हमेशा  तुलसी की पत्तियो की सरीखी  की खुशबू  निकलती रहती है यह छत्तीसगढ़ का  मात्र ऐशा  एक चमत्कार से भरा हुवा शिव लिग  है। 

इन्हें भी देखे:- 

3 comments:

  1. truely spiritual site, felt blessed in visit. fantastic wall-carve art.

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  2. Its a very old temple situated in the bank of river. This is a very historical and religious place. Nice place to go for a picnic with freinds and family.

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