Friday, October 12, 2018

Narayan Mandir Khallari (नारायण मंदिर खल्लारी - भीमखोज )

Narayan Temple Bhimkho  Khallari
नारायण मंदिर - खल्लारी 


History of Narayan Temple in Bhimkhoj Khallari
यह नारायण मंदिर जिसे जगन्नाथ मंदिर कहा जाता है।  यह छत्तीसगढ़ राज्य के खल्लारी नामक ग्राम में स्थित है। , यह स्मारक राज्य व केंद्र द्वारा  संरक्षित ईमारत है। जो कि जिला मुख्यालय से 24 किलोमीटर व बागबाहरा से 12किलोमीटर व रायपुर से 79 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।यहाँ पहुचने के लिए नजदीक ही भीमखोज रेलवे स्टेसन है ।
         विष्णु का परम भक्त था देवपाल

भगवान जगन्नाथ 

हरि का भक्त कोई भी हो सकता है। इस पर किसी जाती वर्ण या सम्प्रदाय का कोई बंधन नही होता।


खल्लारी से प्राप्त अभिलेख ,जो वर्तमान में रायपुर के घासीदास संग्रहालय में संरक्षित है। उसके लेख के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 13 वी सदी में सन 1415 ईसवी में देवपाल नामक मोची के द्वारा  अपनी जीवन भर की कमाई से  इस नारायण मंदिर का निर्माण करवाया गया था इसके इस स्थान का नाम खल्लारिक के रुप मे हुवा यह मंदिर ग्राम के पूर्व दिशा में निर्मित है।इसमें तीन अंग गर्भगृह अन्तराल खंड एव मंडप है।तथा मंडप पे 16 स्तम्भ पर आधारित पर है।पंचरत भूविन्यास प्रकार यह स्मारक नगर शैली में निर्मित है। रायपुर कल्चुरी 

History of Narayan Temple in Bhimkhoj Khallari
नारायण मंदिर का बाहरी दृश्य 

कालीन मंदिर वास्तु का अनुपम प्रतिनिधित्व उदहारण है। इस मंदिर में बड़े बड़े वर्ग आकर के पत्थरों का प्रयोग किया गया है।मंदिर के गर्भ गृह में भगवान जगन्नाथ व उनके भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा की भव्य प्रतिमा रखी गयी है।मंदिर अपनी उत्कृष्ट कला के लिए प्रसिद्ध है। समय के बीतते मंदिर की दीवारे कुछ स्थान रिक्त हो गए है जिसमे कभी छोटी-छोटी मूर्तियां शोभायेमान हुवा  करती थी ।वर्तमान स्थिति काफी अच्छी है।मंदिर के ठीक सामने कुछ प्राचीन मुर्तिया रखी गयी है व पास में ही छोटा सा तालाब है।जगन्नाथ ट्रस्ट समिति के द्वारा मंदिर में पुजारी के लिए भवन बनायी गयी है।

Narayan Temple Khallari Mahasamund Chhattisgarh
Narayan Mandir Khallari

नारायण मंदिर के निर्माण के सम्बंध में यह किदवंती चली आ रही है। की इस मंदिर का निर्माण छह मासी रात में किया गया है।

खल्लारी  मंदिर
नारायण मंदिर खल्लारी 

खल्लारी का प्राचीन नाम खल्लवाटिक था।कलचुरी वंस के लहुरी शाखा जब रायपुर में स्थापित हुई तब उसकी राजधानी खल्लारी थी 1409 ईसवी में ब्रमदेव राय के काल मे राजधानी खल्लारी से रायपुर स्थानांतरित हुई थी।

यहाँ प्रती वर्ष जगन्नाथ यात्रा बड़ी धूम धाम से मनाया जाया है| जिसमे भगवान को नगर घूमाने के लिए रथ यात्रा निकालते है जिसे रजदुतिया मेला कहा जाता है|    

3 comments:

  1. Narayan Mandir bahut hi bhawya evam prachin Mandir hai.,.

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    Replies
    1. Apka bahut bahut dhanyavad cgdekho1 me visit karne ke liye

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  2. बसे हो प्रभु तुम इस
    जहां के कण कण में
    तुम्हारी भक्ति से
    जगती है अलख
    कुछ करने की
    जन जन में

    ReplyDelete

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