जिला मुख्यालय के दक्षिण पूर्व में चम्पारण स्थित है यह राजिम से महज़ १० कि .मी पर स्थित है | यहाँ पर जाने के लिए नियमित रूप से बस ऑटो आदि चलती है| और रायपुर से छोटी रेल मार्ग भी है
महाप्रभु जी |
श्री वल्लभ जी की प्रतिमा |
यह चम्पारण ऐतिहासिक महत्व का स्थान यहाँ पर वैष्णव सम्प्रदाय के प्रवर्तक वल्लभाचार्य जी का जन्म हुवा था उनका जन्म वैशाख वदी १३३४(ईसवी सन १४७८) को हुवा आपके पिता श्री लक्ष्मण भट्ट और माता इल्लमगारु थे इस परिवार का मूलतः स्थान आंध्रप्रदेश के खम्मन केनिकट कांकडवाड़ नामक गाँव थे| ये तैलंग ब्राम्हण थे और कृष्ण यजुर्वेद कि तैतरीय शाखा के अंतर्गत इसका भारद्वाज गौत्र था श्री वल्लभाचार्य का जन्म चम्पारण जिला रायपुर में हुवा प्रत्येक वर्ष वैशाख कृष्ण एकादशी को जन्मोत्सव चम्पारण में मनाया जाता है | उस समय उनके माता पिता दक्षिण से काशी तीर्थ यात्रा करने जा रहे थे मार्ग में ही महाप्रभु का जन्म हुवा यहाँ पर महाप्रभु कि छठी बैठक भी है | बीसवी सदी में उनके अनुयायियो ने वल्लभाचार्य जी का एक प्रसिद्ध मंदिर बनवाया था|
बैठक के समीप यहाँ पर चम्पकेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है|यही समीप में माता यमुना का मंदिर है इसमें एक छोटी नदी बहती है | यहाँ के वन में जूता चप्पल पहन के नहीं जाया जाता है मंदिर कि बनावट इसकी साज सज्जा नक्कासी देखने लायक है आप देख कर चकाचौद हो
जावोगे यह मंदिर अपनी बनावट के लिए प्रसिद्ध है यह मंदिर छत्तिसगढ़ में प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है यहाँ पर पेड पौधों को नहीं काटा जाता है आप इसका उदहारण मंदिर के अंदर देखा सकते है जहा बिना पेड़ को छति पहुचाये मंदिर का निर्माण किया गया है यहाँ पर श्री वल्लभ गौशाल है| जिसमे भारी संख्या में गौ माता कि सेवा किया जाता है और बीमार गौ माता का उपचार किया जाता है और उचित देख भाल किया जाता है| यहा पर गौ माता कि सुख सुविधा का उचीत प्रबंध किया गया है| यहाँ पर गौ माता का निस्वार्थ भाव से मंदिर समिति के द्वारा सेवा किया जा रहा है |यह मंदिर छत्तीसगढ़ को और अधिक कीर्ति प्रदान कर रहा है जिसके कारण
यहाँ पर देश - विदेशो से भी भारी मात्रा में पर्यटक इस स्थान पर आते है|
मंदिर समितियों के द्वारा यात्रियों के रुकने के लिए सुदामापूरी नाम का एक अति सुन्दर धर्म शाला का निर्माण करवाया गया है जिसकी बनावट काफी सुन्दर है
यहाँ पर प्रती वर्ष माघ पूर्णिमा के दिन यहाँ महाप्रभु के सम्मान में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है | जिसमे लाखो कि संख्या में भक्त जन शामिल होते है
श्री चम्पेश्वर भोले नाथ कि यह पुरातन स्थली है| जहाँ वे जगत माता पार्वती श्री गणेश जी के साथ विराजमान है इसका उल्लेख १०८ ज्योतिरलिंगो के वर्णन में भी है इन्ही कि प्रेरणा से महाप्रभु श्री वल्लभा आचार्य जी के साथ पिता श्री काशी जाते हुवे यहाँ पहुचे तथा पूजा अर्चना करने के तत्काल
गौ शाला |
महाप्रभु का सचित्र वर्णन |
उपरान्त उनका अभीभावक उसके सम्मुख हुवा यह एक सुखद संयोग था कि वैष्णव मार्ग में पुष्टि मार्ग के प्रवर्तक का प्रगट्य आदि शक्ति शिव शंकर महादेव जी प्रथम वैष्णव माने जाते है| के समक्ष हुवा इस घटना के द्वारा सर्वे शक्ति मान परमेश्वर ने यह सिद्ध किया कि शिव तथा विष्णु आदि शक्ति के दो रूप है| तथा देश का यह एक मात्र शैव तथा वैष्णव संयुक्त तीर्थ स्थली है|
टिप :- यह विश्वास किया जाता है कि यदि कोई गर्भवती महिला इसके आस – पास के स्थान में प्रवेश कर जाये तो उसका गर्भपात हो जाता है | कहा जाता है कि आचार्य वल्लभाचार्य का जन्म गर्भपात होने के कारण उस समय हुवा जब उसके माता – पिता तीर्थयात्रा के लिए जाते समय यहाँ से गुजरे थे
पास के अन्य आकर्षण केन्द्र :- चम्पारण से लगभग ११ कि .मी पर महानदी पर बना एक एनिकट है जिसमे ११६ गेट है और समीप में एक अति सुन्दर उद्यान है समीप में एक विशाल हनुमान जी कि प्रतिमा है जो यहाँ का प्रमुका आकर्षण का केंद्र है
टिला हनुमान जी |
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rochak jaankari..shayad chhattisgarh mein bahut kuchh hai dekhne ke liye..kripya wahan ki aur tasweeren post kareeeye.
ReplyDeleteBilkul Sahi hai bhai
DeleteI want to stay in Chamaparan for a night. I understand there is nice place devloped by
ReplyDeleteMandir. Can I know contact number for booking room
Tel: 04573 - 221888 Mob: 09543690140
DeleteThanks achhi jankari mili hume
ReplyDeleteजाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी
ReplyDeleteNic article
ReplyDeleteWe will come at 10 oct for four days.booking for sudama & Prasad for mandir.we are two persons & vaishnav.pls help us.
ReplyDeleteअतुल्य भारत !
ReplyDeleteइतनी अच्छी जानकारी के लिए आपका धन्यवाद्…..
- it is a sacred place amongst jain and gujrati people.
ReplyDelete- one of the cleanest temple visited
- nice premices with dining facilities and well maintained
- one of the must visit place if visiting champaran
- the darbar of Mahaprabhuji Pakatya Baithakji is beautiful and is opened during evening which is main attraction of crowd
- it has dedicated art gallery , auditorium hall , library and many more recreational activities
ReplyDeleteVery beautiful and huge temple, Beauty of architectur
mene suna hai ki yaha mandir ki aur se tourister ke liye car ki booking hoti he to iske liye muje kya karna padega or booking k liye krupiya link bheje
ReplyDeleteChhattisgarh ke best temple
ReplyDeleteThe place is splendid and me and my family got a chance to attend the evening aarti. It was the last day of the year, so, many people paid their visit to the temple. It is a clean place. Their effort in maintenance of the place is visible. Some places were showing disorder as people did not pay heed to the rules and they didn't throw trash in the dustbins. Rest was all good. The part played by the temple staff was well executed. I would suggest it to anyone who wants some solace in chaos.
ReplyDeleteawesome place to visit in Champaran. very peaceful. temple in so beautiful interior ,jhumar every thing simply magnificent.
ReplyDeleteBeautiful place with peace... It's a must visit place in Champaran having Superb sculpture and Architecture with awesome lighting.
ReplyDeleteThis place is really very beautiful and big temple.
ReplyDeleteIntrior jhoomer and wall painting are looking awesome.
But prasad is very costly.....