Saturday, August 4, 2018

Bahubali Gomateshwara Statue Shravanabelagola Karnataka (गोमटेश्वर बाहुबली श्रवणबेलगोला)

दुनिया की सबसे ऊंची अखण्ड  प्रतिमा है बाहुबली की | 

श्रवणबेलगोल कर्नाटक राज्य में दक्षिण-रेल्वे की बंगलोर-हरिहर-पूना लाइन के आरसीकेरे स्टेशन से 67 किमी., मैसूर से 99 किमी., बंगलोर से 164 किमी. और हासन से 49 किमी दूर यह स्थान है ।

Gomateshwara Statue


 इन सभी स्थानों से श्रवणबेलगोल के लिये सीधी मोटर-बस से चलती हैं। इसे ‘‘गोम्मट-तीर्थ‘‘ भी कहा जाता है । यहाँ जैन-धर्मशाला है । यहाँ से जैन-तीर्थ मूलबदरी, हालेविद, वेणूर, कारकल को मोटर-बस से जाती हैं । 

एक ही पर्वत को काटकर बनाया गया है यह नायाब प्रतिमा 


Shravanabelagola Karnataka

यहाँ अन्तिम श्रुतकेवली श्रीभद्रबाहु स्वामी ने समाधि धारण किया था । यहाँ श्रीभद्रबाहु स्वामी( बाहुबलीजी )  की 57 फुट ऊँची मूर्ति पर्वत के शिखर पर है, जो कई किमी. दूर से दिखती है ।

भगवान बाहुबली और श्रवणबेलगोल

श्रवणबेलगोल गाँव दो पर्वतों के बीच में बसा है । एक ओर विन्ध्यगिरि (इन्द्रगिरि) है और दूसरी ओर चन्द्रगिरि । पर्वतों के नीचे गाँव में एक झील है । दोनों पर्वतों में से विन्ध्यगिरि कुछ अधिक ऊँचा है ।

 Shravanabelagola Karnataka

पर्वत पर चढ़ने समय पहले एक मन्दिर आता है, उसमें ऊपर के खण्ड में पाश्र्वनाथ स्वामी की मूर्ति है । पर्वत के ऊपर पहुँचने पर एक पुरानी दीवार का घेरा मिलता है । उस घेरे के भीतर कई मन्दिर हैं । पहले ही एक छोटा मन्दिर ‘चैबीस तीर्थकर बसती‘ मिलता है । इसके उत्तर -पश्चिम एक कुण्ड है । कुण्ड के पास ‘चेन्नण्ण बसती‘ नाम का दूसरा मन्दिर है । इसमें चन्द्रनाथ स्वामी की मूर्ति है । उससे आगे चबूतरे पर एक सुन्दर मन्दिर है । उसमें आदिनाथ, शान्तिनाथ तथा नेमिनाथ की मूर्तियाँ हैं ।

भारत के 7  आश्चर्यजनक अजूबो  में प्रथम स्थान है बाहुबली की प्रतिमा का


इस स्थान से आगे घेरे में ऊपर जाने का द्वार है । यहाँ द्वार के पास बाहुबली जी का छोटा मन्दिर तथा उनके भाई भरत का मन्दिर है । कुछ और मूर्तियाँ भी हैं । आगे एक घेरे के भीतर श्रीबाहुबलीजी (भद्रबाहु स्वामी ) की विशाल मूर्ति है । यह 57 फुट ऊँची दिगम्बरमूर्ति विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति है । मूर्ति पर्वत-शिखर को काटकर बहुत सुडौल बनायी गयी है और भव्य है । यह मूर्ति चामुण्डरायजी द्वारा बनवायी गयी थी ।

3 comments:

  1. Hii there
    Nice blog
    Guys you can visit here to know more
    Gomateshwara Temple in Karnataka

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  2. हूं शुद्ध निराकुल सिद्धोसम,भवलोक हमरा वासा ना,।रिपू रागरु द्वेष लगे पीछे,याते
    शिवपद को पाया ना।। निज के गुण निज में पाने को,प्रभू अर्ध्य सँजोकर लाया हूं।
    हे बाहुबली तुम चरणों मे,सुख संमति पाने आया हूं।।

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  3. Amazing Statue for Gomteshwar Bahubali &
    Nice place

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